पिछले कुछ साल के भीतर कारों की बड़ी संख्‍या में बिक्री हुई है.

इनमें से काफी लोगों को हर साल लिया जाने वाला कार इंश्‍योरेंस बोझ की तरह लगता है.

आप कुछ खास बातों का ख्‍याल रखकर अपनी कार के इंश्‍योरेंस को सस्‍ते में खरीदकर अतिरिक्‍त बोझ से बच सकते हैं.

मोटर इंश्‍योरेंस पॉलिसी के दो हिस्‍से होते हैं. पहला थर्ड-पार्टी लायबिलिटी और दूसरा ऑन डैमेज कवर होता है. 

थर्ड-पार्टी लाबिलिटी में दूसरे की गाड़ी को हुए नुकसान की भरपाई की जाती है. यह लेना अनिवार्य होता है.

वहीं, ऑन-डैमेज कवर में अपनी गाड़ी को हुए नुकसान के लिए सुरक्षा मिलता है.

किसी एक ही कंपनी के बजाय कई कंपनियों की कार इंश्‍योरेंस पॉलिसी की तुलना करें. 

इंश्योरेंस रिन्यू कराते समय आप अपनी कार की इंश्योरेंस वैल्यू या फिर इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (IDV) चेक कर लें.

आपने किसी एक साल कोई क्लेम नहीं किया है तो उस साल आप नो क्लेम बोनस ले सकते हैं. नो क्लेम बोनस प्रीमियम का 20 से 50 फीसदी तक हो सकता है.

अगर आपने कोई क्लेम नहीं किया और इससे आपका नो-क्लेम बोनस बचा है तो आप नई कार खरीदते समय एनसीबी को नये वाहन पर ट्रांसफर भी करा सकते हैं.