पर्सनल लोन व होम पर अलग-अलग लाभ दिया जाता है। इसमें टैक्‍स कटौती छूट से लेकर कम ईएमआई का भी लाभ मिलता है।

लोग अपनी व‍ित्तीय जरूरत को पूरा करने के लिए बैंक से या किसी संस्‍था से लोन लेते हैं। 

बैंकों की ओर से कई तरह का लोन दिया जाता है। इसमें पर्सनल लोन व होम जैसे लोन भी शामिल है।

अगर आप घर खरीदना चाहते हैं तो होम लोन का लाभ ले सकते हैं, वहीं पर्सनल कामों के लिए आप पर्सनल लोन भी ले सकते हैं।

होम लोन

होम लोन

अगर आपके घर की कीमत अधिक है, जिसकी कीमत आप एकमुश्‍त में नहीं चुका सकते हैं तो आप होम लोन का उपयोग कर सकते हैं। देश के बैंक होम लोन की पेशकश करते हैं, जो सुविधा अनुसार ग्राहकों से ईएमआई चार्ज करते हैं। आप कम मंथली ईएमआई चार्ज और सुरक्षित वाला विकल्‍प चुन सकते हैं।

पर्सनल लोन

पर्सनल लोन

अगर आप पर्सनल लोन को आंशिक या पूरी तरह से प्री-पे करने का फैसला करते हैं, तो आपकी टैक्स प्लानिंग बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होती है क्योंकि लिए गए पर्सनल लोन पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं होता है।

ब्‍याज दरें और कर लाभ

ब्‍याज दरें और कर लाभ

होम लोन आजकल 8.75 फीसदी से शुरू होता है। 3 लाख रुपए के ऋण के लिए 1 लाख रुपए का पुनर्भुगतान, तीन साल में देय, 8.75 प्रतिशत ब्याज दर पर ब्याज पर 24000 रुपए की बचत होगी। 

वहीं होम लोन में कर लाभ मिलता है। वहीं पर्सनल लोन की बात करें तो इसका ब्‍याज 14 फीसदी या उससे अधिक होता है, जो कर लाभ नहीं देता है।

अधिकांश बड़े होम लोन ओवरड्राफ्ट सुविधा और टॉप-अप विकल्पों के साथ आते हैं। कुछ एक चालू खाता सुविधा प्रदान करते हैं जिसमें आप अपने अधिशेष धन को पार्क कर सकते हैं और ब्याज पर बचत कर सकते हैं।

हालांकि अतिरिक्त सुविधाएं होम लोन की कीमत पर आती हैं, लेकिन अलग से खरीदने पर ये और भी महंगी हो जाती हैं। इसलिए, ऐसे मामलों में अपने होम लोन को जारी रखना समझदारी है।