क्या आपको पता है, शाहरुख खान, संजय दत्त, सोनू सूद, रणवीर सिंह, सानिया मिर्जा और मौनी रॉय में क्या समानता है? उन सभी ने दुबई गोल्डन वीज़ा प्राप्त कर लिया है - जो अब उन्हें दुबई में स्वतंत्र रूप से रहने की अनुमति देता है।

गोल्डन वीज़ा एक आप्रवास कार्यक्रम को संदर्भित करता है जो धनी व्यक्तियों को किसी अन्य देश में रहने  की या यहां तक कि नागरिकता प्राप्त करने की अनुमति देता है, बस वहां आपको एक घर खरीदना होगा  या बड़ा निवेश या दान करना होगा ।

दुबई में संपत्ति ख़रीदना गोल्डन वीज़ा सुनिश्चित करता है, और भारतीय इसका अधिकतम लाभ उठा रहे हैं

तीन साल पहले शुरू किए गए यूएई गोल्डन वीजा ने दुबई में लक्जरी अपार्टमेंट की मांग में वृद्धि की है।

दुबई सरकार ने अचल संपत्ति में निवेश करने के लिए आवश्यक धनराशि को घटाकर एईडी 2 मिलियन कर दिया है। इसका मतलब है कि कई और भारतीय परिवार गोल्डन वीजा रूट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

तथ्य यह है कि वीजा की अवधि 10 साल तक बढ़ा दी गई है, दुबई में घर खरीदने का एक और कारण है।

गोल्डन वीजा ने दुबई में लग्जरी संपत्ति खरीदने के लिए भारतीयों में गहरी दिलचस्पी पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुबई का बुनियादी ढांचा लक्ज़री जीवन के लिए भी उपयुक्त माहौल प्रदान करता है।

नए कानूनों के तहत Entrepreneurs दुबई के स्टार्टअप में भी निवेश कर सकते हैं।

व्यापार करने में आसानी और Tax free वातावरण निश्चित रूप से एक बड़ा प्लस है।

दुबई सरकार ने रियल एस्टेट में निवेश का Amount भी घटाकर एईडी 2 मिलियन कर दिया है जिससे कई और भारतीय परिवारों के लिए गोल्डन वीज़ा मार्ग का उपयोग करना संभव हो गया है।